MP Weather Update: 17 जुलाई से मध्य प्रदेश में फिर एक्टिव होगा मानसून, गरज-चमक के साथ बढ़ेंगी बारिश की गतिविधियां

MP Weather Update 15 July 2026: मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून की गतिविधियां सामान्य से कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन अब मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 15 जुलाई की दैनिक मौसम परिचर्चा के अनुसार 17 जुलाई से मध्य प्रदेश में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, जो 18 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।

15 जुलाई 2026 का मध्य प्रदेश मौसम अपडेट, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा सहित कई जिलों का ताजा मौसम पूर्वानुमान।
MP Weather Update 15 July 2026: जानें मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों का ताजा मौसम पूर्वानुमान, बारिश, तापमान और IMD अलर्ट।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा है नया सिस्टम

IMD के मुताबिक अगले 24 घंटे में उत्तरी बंगाल की खाड़ी के आसपास एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इसका असर धीरे-धीरे मध्य भारत पर भी दिखाई दे सकता है।

17 जुलाई से मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई से मध्य प्रदेश में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है, जो 18 जुलाई तक जारी रह सकती हैं। हालांकि फिलहाल प्रदेश के लिए किसी अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन कई क्षेत्रों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बन सकती है।

अगले कुछ दिनों तक कैसी रहेगी स्थिति?

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक देश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर सबसे अधिक रहेगा। वहीं मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होंगी। 17 जुलाई के बाद प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है।

देशभर में कहां सबसे ज्यादा असर?

मौसम विभाग ने बताया है कि 14 और 15 जुलाई को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है, जबकि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है। इसी सक्रिय मानसूनी प्रणाली का असर बाद में मध्य प्रदेश तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

लोगों के लिए सलाह

बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

नोट:

यह पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 14 जुलाई 2026 की दैनिक मौसम परिचर्चा पर आधारित है। स्थानीय मौसम की स्थिति में समय के साथ बदलाव संभव है।

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