रिपोर्टर हर्षिता नाहर। द ईगल मीडिया
आठ बार स्वच्छता का ख़िताब जीतने के बाद नगर निगम अब स्वच्छता को लेकर बेगार टालने लगा है। जगह जगह खुले में कचरा पड़ा रहता है। ऐसा ही एक मामला विजय नगर का सामने आया है। जहाँ खाली प्लॉट में कचरे का ढेर पड़ा रहता है। साथ ही गलियों में बारिश का पानी भी जमा हो गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या बारिश के साथ और बढ़ गई है।
बारिश का पानी भी सड़कों में जमा
अभी मानसून कि पहली बारिश आई ही थी और क्षेत्र की सड़कों में पानी भर गया। सड़कों में दरारें होने के कारण उनमें गड्ढे हो गए थे। जिससे पानी बरसते ही वे लबालब हो गए।
स्थानीय लोगों की परेशानी
रहवासियों ने बताया की यह क्षेत्र विजय नगर क्षेत्र की स्कीम 136 के जोन 7 के वार्ड 34 में आता है। यहां तकरीबन चार महीने से कचरा पड़ा है। पहले छोटा ढेर था। लेकिन निगम द्वारा कोई भी कार्रवाई न करने के कारण यह ढेर बड़ा होता चला गया। दूसरे क्षेत्र के लोग भी कचरे का ढेर देख कर, यहां ही कचरा फेंक के चले जाते हैं। साथ ही सड़कों में बारिश का पानी भर गया है। जिसकी निकासी नहीं हो पा रही है। जिससे उनको बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़कों में पानी भरे रहने से वाहन फिसलन का भी अंदेशा रहता है।


बीमारी व संक्रमण को नज़रअंदाज़ कर रहा निगम
हैरत की बात है कि इंदौर में आयदिन गंदे पानी, अस्वच्छता एवं दुर्गन्ध से पीड़ित होने के कई वाक़्या आते हैं। बावजूद इसके निगम ढिलाई बरत रहा है। कॉलोनी के अंदर कचरे का ढेर लगने के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फ़ैल रही है। जिससे कई बीमारियां व संक्रमण फैलने का अंदेशा है। साथ ही लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिससे बीमारियों का डर
बना रहता है।
कोई कदम नहीं उठा रहा निगम
कचरे एवं जलजमाव से परेशान हो कर रहवासियों ने कई मर्तबा निगम के ज़ोन कार्यालय में कचरा उठाने एवं जलनिकासी के लिए संबंधित कदम उठाए जाने की गुहार लगाई है। लेकिन निगम द्वारा इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाए गए।बारात पानी में और वादे हवा में: क्या यही है इंदौर का असली प्री-मानसून?
द ईगल मीडिया: अधिक जानकारी के लिए हमें फॉलो करें।





Leave a Reply