इंदौर में नकली नोटों का धंधा करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। शहर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में महज 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक युवक को इतनी भारी पड़ गई। कि वह सीधे सलाखों के पीछे पहुंच गया। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण पुलिस ने न सिर्फ मुख्य आरोपी को दबोचा, बल्कि उसके पास से भारी मात्रा में नकली नोट और नोट छापने की प्रिंटिंग मशीन भी बरामद की है।
₹200 के नोट ने खोला नकली करेंसी का राज
यह पूरी घटना गुरुवार की है। गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार, राजनगर के रहने वाले यशवंत यादव अपने ‘सांवरिया रेस्टोरेंट’ पर मौजूद थे। इसी दौरान एक अज्ञात युवक वहां चाय-नाश्ता करने पहुंचा। भुगतान के समय युवक ने यशवंत को 200 रुपये का नोट दिया।
नोट हाथ में लेते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत को उसकी छपाई और कागज पर शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए अपने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से उस युवक को वहीं रोक लिया और तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दे दी।
देपालपुर का दीपक और सिंगापुर टाउनशिप का संजय गिरफ्तार
मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तो उसने अपना नाम दीपक पटेल (निवासी अटाहेड़ा, देपालपुर) बताया। पुलिस द्वारा दीपक की तलाशी लेने पर उसके पास से 4 हजार रुपये के और भी नकली नोट बरामद हुए।
कड़ाई से पूछताछ करने पर दीपक ने उगला कि वह तो सिर्फ एक मोहरा है। उसने बताया कि ये नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाले संजय वैष्णव (पिता महेश वैष्णव) ने बाजार में चलाने के लिए दिए थे। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी संजय को भी गिरफ्तार कर लिया।
₹44,000 की नकली नकदी और प्रिंटिंग मशीन जब्त
पुलिस ने जब मुख्य आरोपी संजय वैष्णव के ठिकाने पर छापेमारी की। तो उनके होश उड़ गए। संजय के पास से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट। नकली करेंसी छापने में इस्तेमाल होने वाली एक प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। इस पूरे मामले में पुलिस अब तक कुल 44 हजार रुपये के जाली नोट बरामद कर चुकी है।

| आरोपी का नाम | बरामदगी (नकली नोट) | मुख्य सामग्री |
| दीपक पटेल | ₹4,000 | जाली करेंसी |
| संजय वैष्णव | ₹40,000 | प्रिंटिंग मशीन और जाली करेंसी |
खंडवा STF का पुराना आरोपी है संजय
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह आदतन अपराधी है। इससे पहले भी उसे नकली नोट छापने और सप्लाई करने के मामले में खंडवा एसटीएफ (STF) ने गिरफ्तार किया था। कुछ समय पहले ही वह जेल से जमानत पर बाहर आया था। और बाहर आते ही उसने दोबारा अवैध रूप से नकली नोट छापने का यह काला कारोबार शुरू कर दिया।
फिलहाल, इंदौर पुलिस दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब संजय के पूरे नेटवर्क और उसके अन्य साथियों का पता लगाने में जुटी है।
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