इंदौर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज में कानूनों की एकरूपता और समानता स्थापित करना सरकार का उद्देश्य है।

सभी नागरिकों के लिए समान कानून की वकालत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक और प्रगतिशील समाज में सभी नागरिकों के लिए समान नियम और समान अधिकार होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव करना नहीं, बल्कि समाज में समरसता और समानता को मजबूत करना है।
विवाह कानूनों पर दिया उदाहरण
समान नागरिक संहिता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने विवाह संबंधी कानूनों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “यदि भगवान रामचंद्र एक शादी करते हैं, तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जाती है।”
उन्होंने कहा कि सरकार विवाह और पारिवारिक कानूनों में समानता लाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
समाज में कानूनों की एकरूपता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता सामाजिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। उनके अनुसार, एक समान कानून लागू होने से समाज में न्याय और समान अधिकारों की भावना को और मजबूती मिलेगी।
बयान के बाद तेज हुई चर्चा
मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस बयान के बाद समान नागरिक संहिता को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस विषय पर सरकार राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे की रणनीति स्पष्ट कर सकती है।
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